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29 जुलाई 2025 करेंट अफेयर्स: भारत-मालदीव संबंध, भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति, PMFBY सुधार, NCMC को कानूनी दर्जा

 🇮🇳 भारत-मालदीव संबंधों में नया दौर (हिंदी में आसान शब्दों में UPSC छात्रों के लिए) 🇲🇻

अंतरराष्ट्रीय संबंध | स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस




📰 खबर में क्यों?

भारत के प्रधानमंत्री जुलाई 2025 में मालदीव की 60वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों की नई शुरुआत का संकेत है।

मालदीव के वर्तमान राष्ट्रपति पहले “India Out” अभियान चला रहे थे, लेकिन अब उनका रुख नरम हुआ है।


🤝 यात्रा में क्या-क्या हुआ?

1. रणनीतिक बातचीत

  • 2024 की आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी पर चर्चा हुई।

  • भारत ने अपनी MAHASAGAR नीति और पड़ोसी पहले (Neighbourhood First) नीति पर जोर दिया।

2. डिजिटल और आर्थिक सहयोग

  • जल्द ही FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) और BIT (बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी) पर हस्ताक्षर की बात।

  • समझौते हुए:

    • UPI

    • RuPay कार्ड

    • स्थानीय मुद्रा में व्यापार
      👉 इससे टूरिज्म और डिजिटल पेमेंट आसान होंगे।

3. आर्थिक सहायता

  • भारत ने $550 मिलियन की ऋण सुविधा (Line of Credit) दी।

  • मालदीव का सालाना ऋण भुगतान 40% कम कर दिया।

4. आधारभूत ढांचा और सामाजिक योजनाएं

  • 3300 घर, सड़कें और ड्रेनेज सिस्टम शुरू हुए।

  • 6 नई लोक परियोजनाएं लोगों के लिए शुरू की गईं।

5. स्वास्थ्य और आपातकालीन मदद

  • भारत ने 2 BHISHM क्यूब (Aarogya Maitri Health Cubes) दिए।
    👉 एक BHISHM 200 लोगों का इलाज कर सकता है आपदा या इमरजेंसी में।


💸 मालदीव का रवैया क्यों बदला?

1. आर्थिक संकट

  • सिर्फ $440 मिलियन विदेशी मुद्रा भंडार बचा था।

  • Moody's ने खराब क्रेडिट रेटिंग दी।

2. भारतीय पर्यटक कम हो गए

  • रिश्ते बिगड़ने पर मालदीव को $150 मिलियन का नुकसान हुआ।

  • भारतीय पर्यटक उनके लिए बहुत जरूरी हैं।

3. भारत से निर्भरता

  • मालदीव को खाद्य, दवाइयां और निर्माण सामग्री भारत से मिलती है।

4. भारत की आपदा सहायता

  • 1988 - ऑपरेशन कैक्टस: सैनिक तख्तापलट रोका।

  • 2014 - ऑपरेशन नीर: पानी की आपूर्ति।

  • COVID-19: वैक्सीन, दवाइयाँ भेजी।

5. भारत-चीन के बीच संतुलन

  • मालदीव दोनों देशों से दोस्ती चाहता है, लेकिन अब भारत को प्राथमिकता दे रहा है।


🤔 यह "रीसेट" क्यों जरूरी है?

🌊 मालदीव का भारत के लिए महत्व

  • रणनीतिक स्थान: इंडियन ओशन के व्यस्त समुद्री रास्तों के पास।
    👉 भारत का 80% तेल और 50% व्यापार इन्हीं रास्तों से होता है।

  • चीन के प्रभाव को रोकना: चीन महासागर में प्रभाव बढ़ा रहा है।

  • भारतीय क्षेत्रीय सुरक्षा: भारत इस क्षेत्र को अपनी जिम्मेदारी मानता है।

🇮🇳 भारत का मालदीव के लिए महत्व

  • सुरक्षा साझेदार:

    • ऑपरेशन कैक्टस (1988)

    • अभ्यास: Ekuverin, Dosti, Ekatha

  • पर्यटन सहयोग:

    • 2023 में 11.2% पर्यटक भारतीय थे।

  • शिक्षा मदद:

    • छात्रवृत्तियां, भारतीय कॉलेजों में पढ़ाई।

  • जलवायु परिवर्तन सहयोग:

    • समुद्र स्तर बढ़ने से भारत की मदद।

  • मानवीय सहायता:

    • सुनामी, जल संकट, महामारी में भारत सबसे पहले मदद करता है।


🔧 अब क्या किया जा सकता है?

1. व्यापार और परियोजनाएं

  • FTA जल्दी पूरा किया जाए।

  • स्थानीय मुद्रा का प्रयोग हो।

  • GMCP और अंडरसी केबल जैसी बड़ी परियोजनाएं पूरी हों।

2. सुरक्षा सहयोग

  • संयुक्त नौसेना गश्त, ड्रोन और पैट्रोल बोट दान।

  • Colombo Security Conclave में सहयोग बढ़े।

3. सांस्कृतिक और जनसंपर्क

  • युवाओं और मीडिया से संपर्क बढ़ाएं।

  • मूवी, स्टूडेंट एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम शुरू हों।

4. राजनयिक वार्ता

  • Track-II Diplomacy (यूनिवर्सिटी, एक्सपर्ट स्तर पर बातचीत)।

  • सार्वजनिक विवाद से बचें और एक-दूसरे की चिंता को समझें।


निष्कर्ष – क्यों यह सब जरूरी है?

भारत और मालदीव प्राकृतिक मित्र हैं –
👉 समान क्षेत्र, समान हित।

अच्छे संबंधों से मिलेगा:

  • इंडियन ओशन में शांति

  • चीन के प्रभाव पर नियंत्रण

  • आर्थिक और पर्यटन का लाभ

भारत को चाहिए:
परियोजनाएं समय पर पूरी करे,
सांस्कृतिक और तकनीकी ताकत का सही इस्तेमाल करे,
और हमेशा मालदीव के साथ खड़ा रहे।


Prelims Box (जरूरी शब्द):

  • MAHASAGAR – भारत की हिंद महासागर नीति

  • FTA – फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

  • BIT – द्विपक्षीय निवेश संधि

  • BHISHM – स्वास्थ्य आपातकालीन क्यूब

  • ऑपरेशन नीर (2014) – पानी भेजा गया

  • ऑपरेशन कैक्टस (1988) – सरकार को तख्तापलट से बचाया

  • EEZ – विशेष आर्थिक क्षेत्र

  • Colombo Security Conclave – भारत-मालदीव-श्रीलंका-मारिशस सुरक्षा मंच


📌 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):

❓1. पहले भारत-मालदीव रिश्ते क्यों बिगड़े थे?

उत्तर:
क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति ने "India Out" अभियान चलाया, जिसमें भारत की भूमिका की आलोचना हुई।

❓2. अब बदलाव क्यों आया?

उत्तर:
मालदीव आर्थिक संकट में है, पर्यटन घट गया है। भारत से मदद मिलने की उम्मीद है, इसलिए रुख बदला।

❓3. MAHASAGAR नीति क्या है?

उत्तर:
भारत की हिंद महासागर में सहयोग और नेतृत्व की रणनीति।

❓4. भारत के लिए मालदीव का महत्व क्या है?

उत्तर:

  • समुद्री व्यापार रास्तों के पास

  • चीन के प्रभाव को रोकना

  • क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोगी

❓5. भारत ने इस यात्रा में क्या-क्या दिया?

उत्तर:

  • $550 मिलियन की मदद

  • UPI और RuPay की सुविधा

  • 2 BHISHM क्यूब

  • इन्फ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में सहयोग

🇮🇳 भारतीय अर्थव्यवस्था का दृष्टिकोण (हिंदी में आसान भाषा में UPSC के लिए)

Tags: GS पेपर 2 & 3 | स्रोत: Indian Express


🌟 समाचार में क्यों?

RBI (भारतीय रिज़र्व बैंक) ने "State of the Economy" नाम से एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत की अर्थव्यवस्था को आशावादी लेकिन सतर्क बताया गया है।
दुनिया में कई संकट (जैसे युद्ध, व्यापार संघर्ष) चल रहे हैं, लेकिन भारत अभी भी ठीक प्रदर्शन कर रहा है।


🔍 वर्तमान स्थिति: भारतीय अर्थव्यवस्था

1. 📊 महंगाई (Inflation)

  • जून 2025 में रिटेल महंगाई गिरकर 2.1% हो गई – जो जनवरी 2019 के बाद सबसे कम है।

  • लेकिन कोर महंगाई (शिक्षा, स्वास्थ्य आदि) अभी भी 4.4% पर है।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई (1.7%) शहरों (2.6%) से कम है।
    ➡️ कुल मिलाकर चीजों की कीमतें स्थिर हैं, पर कुछ सेवाएं अभी भी महंगी हैं।


2. 💰 चालू खाता और भुगतान संतुलन (Current Account & BOP)

  • भारत ने आयात से ज्यादा निर्यात से कमाया

  • चालू खाता सरप्लस = 1.3% GDP (FY25 की आखिरी तिमाही में)

  • चालू खाता घाटा FY24 में घटकर 0.7% GDP रह गया।
    ➡️ भारत अब बाहर से कम खर्च और ज्यादा कमा रहा है।


3. 🧾 सरकारी वित्तीय स्थिति

  • 2025-26 में राजकोषीय घाटा सिर्फ 0.8% (पिछले साल 3.1%)

  • मई 2025 तक सरकार ने 21% राजस्व प्राप्त कर लिया था और
    सिर्फ 14.7% खर्च किया (वो भी मुख्य रूप से पूंजीगत योजनाओं पर)।
    ➡️ सरकार बुद्धिमानी से खर्च कर रही है।


4. 🌍 भारत का व्यापार

  • मई 2025 में व्यापार घाटा 30% घटा (सस्ता तेल + अच्छी सेवाएं)।

  • निर्यात में 2.8% की वृद्धि, आयात 1% घटा।

  • सेवा निर्यात (जैसे IT, Finance) में 9.4% वृद्धि।

📦 शीर्ष निर्यात वस्तुएं:
कॉफी, तंबाकू, चावल, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ

🌍 निर्यात देश:
USA, UK, जापान, UAE, फ्रांस

🌏 आयात देश:
UAE, चीन, थाईलैंड, अमेरिका, रूस

➡️ भारत स्मार्ट व्यापार कर रहा है – ज्यादा निर्यात, सोच-समझकर आयात।


5. 🏭 विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI)

  • FY25 में 14% की वृद्धि, FY14 के मुकाबले 125% ज्यादा।

  • प्रमुख क्षेत्र: सेवाएं (19%), सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर (16%), ट्रेडिंग (8%)

  • मैन्युफैक्चरिंग में FDI 18% बढ़ा।

  • राज्य: महाराष्ट्र को सबसे ज्यादा (39%)

  • देश: सिंगापुर से सबसे ज्यादा (30%), फिर मॉरीशस और अमेरिका
    ➡️ भारत में विदेशी कंपनियां निवेश करने को तैयार हैं।


6. 💼 विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI)

  • FY24 में कुल FPI = $44.1 बिलियन
    ➡️ ये स्टॉक्स-बॉन्ड में “हॉट मनी” है – निवेशकों का भरोसा दिखाता है।


7. 💸 बाहरी कर्ज और विदेशी मुद्रा भंडार

  • बाहरी कर्ज 2025 में 10% बढ़ा

  • कर्ज-GDP अनुपात = 19.1% (पिछले साल 18.5%)

  • Forex Reserves = $696 बिलियन

    • 11 महीने का आयात कवर कर सकता है

    • 95% कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त
      ➡️ भारत की आर्थिक स्थिति सुरक्षित और स्थिर है।


🚧 भारत की अर्थव्यवस्था को चुनौती देने वाले कारण

8. 🌐 वैश्विक समस्याएं

a. भूराजनीतिक तनाव:

  • ईरान-इज़राइल, अमेरिका का व्यापार तनाव – जोखिम बढ़ाता है।

b. कमज़ोर वैश्विक मांग:

  • विदेशों में कंपनियां और उपभोक्ता कम खर्च कर रहे हैं।

c. दुनियाभर में महंगाई:

  • अमेरिका, ब्राज़ील, रूस में ऊँची महंगाई।

  • निवेश में गिरावट आती है।

➡️ ये सब हमारे नियंत्रण से बाहर हैं लेकिन हमारी अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।


9. 🇮🇳 घरेलू समस्याएं

a. औद्योगिक मंदी:

  • IIP (फैक्ट्री उत्पादन) सिर्फ 1.2% बढ़ा – बहुत धीमा।

b. क्रेडिट में कमी:

  • बैंकों ने NBFC और उद्योग को कम लोन दिए।

  • एजुकेशन और बिजनेस लोन भी घटे।

c. GST वृद्धि धीमी:

  • जून 2025 में GST सिर्फ 6% बढ़ा – 4 साल में सबसे कम।

d. ग्रामीण बेरोजगारी:

  • बेरोजगारी 5.6% पर स्थिर, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में काम घटा।

e. राज्य सरकारों पर दबाव:

  • फ्री योजनाओं से बजट पर दबाव – विकास कार्य बाधित।

➡️ आंतरिक अर्थव्यवस्था भी धीमी हो रही है – नौकरियाँ नहीं बढ़ रहीं।


🔑 आगे का रास्ता (Way Forward)

10. 🚢 तेज़ व्यापार समझौते

  • USA जैसे देशों के साथ FTA जल्दी करें

  • पोर्ट, क्वालिटी लैब्स और टेस्टिंग सुधारें

11. 🌾 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती दें

  • गर्मियों में MGNREGA जैसी योजनाएं बढ़ाएं

  • युवाओं को खेती से अलग क्षेत्रों में स्किल दें

  • कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई और मंडी सुधारें

12. 📉 महंगाई और घाटा संतुलित रखें

  • सप्लाई चेन सुधारें, सिर्फ ब्याज दरों से महंगाई नियंत्रित न करें

  • सरकार अनुशासित खर्च करे

  • निवेशक-फ्रेंडली नीति बनाए रखें
    ➡️ विकास और कल्याण में संतुलन ज़रूरी है।


निष्कर्ष (Conclusion)

भारत की अर्थव्यवस्था में मजबूती के संकेत हैं, लेकिन वैश्विक और घरेलू चुनौतियाँ भी मौजूद हैं।

"सिर्फ मुफ्त योजनाएं नहीं, भविष्य में निवेश ज़रूरी है।
Growth + Welfare = सच्चा विकास"


🧠 10 बिंदुओं में संक्षेप

  1. महंगाई कम, लेकिन सेवाएं अभी भी महंगी।

  2. चालू खाता सरप्लस – भारत ज्यादा कमा रहा है।

  3. सरकार समझदारी से खर्च कर रही है।

  4. निर्यात बढ़ा, आयात घटा – व्यापार घाटा घटा।

  5. FDI और FPI बढ़ा – दुनिया को भारत पर भरोसा।

  6. विदेशी मुद्रा भंडार मज़बूत।

  7. वैश्विक तनाव और महंगाई निवेश को प्रभावित कर रहे हैं।

  8. औद्योगिक और क्रेडिट ग्रोथ धीमा।

  9. ग्रामीण रोज़गार में गिरावट।

  10. महंगाई नियंत्रण + ग्रामीण सहयोग + निवेश – इन तीनों में संतुलन ज़रूरी।


📄 FAQ – 2025 की भारतीय अर्थव्यवस्था पर सवाल

1. Q: 2025 में भारत में महंगाई की स्थिति क्या है?
A: जून 2025 में महंगाई 2.1% रही – जो बहुत कम है, लेकिन कोर महंगाई (4.4%) अभी भी चिंता का विषय है।

2. Q: चालू खाता सरप्लस का मतलब क्या है?
A: इसका मतलब है कि भारत ने निर्यात से जितना कमाया, वह आयात पर खर्च से ज्यादा है। FY25 की आखिरी तिमाही में 1.3% GDP का सरप्लस रहा।

🇮🇳 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) – आसान हिंदी में समझें

Tag: GS Paper 2 | सरकारी योजनाएं
स्रोत: Financial Express


🔴 समाचार में क्यों?

  • 2020 से आंध्र प्रदेश, राजस्थान जैसे कई राज्यों ने अपनी हिस्सेदारी का बीमा प्रीमियम (लगभग ₹6,450 करोड़) नहीं दिया।
  • इससे किसानों को फसल नुकसान के बाद मुआवजा नहीं मिल पाया, जिससे किसानों को भारी परेशानी हुई।


🧑‍🌾 PMFBY क्या है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY), 2016 में शुरू हुई फसल बीमा योजना है।

➡️ अगर किसी किसान की फसल बाढ़, सूखा, कीट, बीमारी आदि से नष्ट हो जाए, तो सरकार बीमा के तहत मुआवजा देती है।

उद्देश्य:

  • किसानों की आय की सुरक्षा

  • कर्ज और नुकसान से बचाव


💸 किसानों का प्रीमियम कितना है?

फसल प्रकार
किसान द्वारा दिया जाने वाला प्रीमियम
खरीफ फसल
2%
रबी फसल
1.5%
वाणिज्यिक/बागवानी फसलें
5%

🔸 बाकी पैसा केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देती हैं।

🔸 पूर्वोत्तर राज्यों में केंद्र 90% और राज्य 10% देता है (2020 से लागू)।


PMFBY के प्रमुख लाभ

  1. सभी प्रकार के प्राकृतिक जोखिमों को कवर करता है – सूखा, बाढ़, आग, कीट, चक्रवात आदि।

  2. कटाई के बाद नुकसान (post-harvest loss) भी शामिल है।

  3. तेज़ क्लेम प्रोसेस – 2 महीने के भीतर भुगतान का लक्ष्य।

  4. उन्नत तकनीक – सैटेलाइट, ड्रोन, मोबाइल ऐप से नुकसान की जांच।

  5. बड़ा फायदा – हर ₹100 के प्रीमियम पर किसान को औसतन ₹500 का मुआवजा मिला।

  6. ₹1.78 लाख करोड़ मुआवज़ा 2016 से किसानों को मिला।


📢 जागरूकता अभियान

सरकार ने कई अभियान शुरू किए:

  • फसल बीमा सप्ताह

  • मेरी पॉलिसी मेरे हाथ

  • फसल बीमा पाठशालाएं (गांव स्तर पर)

➡️ किसानों को योजना के बारे में जानकारी देना।


⚠️ PMFBY से जुड़ी समस्याएं

🟡 1. राज्य सरकार का भुगतान न करना
राज्य प्रीमियम समय से नहीं देते, इससे बीमा कंपनियां पैसा रोक देती हैं और किसानों को भुगतान नहीं मिलता।

🟡 2. भुगतान में देरी
कई बार क्लेम का पैसा महीनों तक नहीं आता, जिससे किसानों को नुकसान होता है।

🟡 3. नुकसान का गलत मूल्यांकन
कई जगह मैन्युअल जांच होती है जो धीमी और गलत होती है।

🟡 4. निजी कंपनियां योजना से डरती हैं
वे कहती हैं कि राज्य पैसे नहीं देते, इसलिए उन्हें घाटा होता है।

🟡 5. असमान पंजीकरण
2024–25 में 4.19 करोड़ किसान जुड़े लेकिन:

  • सिर्फ 6.5% किरायेदार किसान थे

  • 17.6% छोटे किसान,

  • जबकि 48% लोन लेने वाले किसान

➡️ गरीब, भूमिहीन किसानों की भागीदारी कम है।


🔧 सरकार क्या सुधार कर रही है?

💻 1. डिजिटल प्लेटफॉर्म

  • NCIP (नेशनल क्रॉप इंश्योरेंस पोर्टल) – किसान ऑनलाइन आवेदन, ट्रैकिंग कर सकते हैं

  • DigiClaim (2022) – सीधा PFMS से लिंक, तेज भुगतान

  • क्लेम में देरी पर बीमा कंपनी को 12% जुर्माना (2024 से लागू)


📱 2. मोबाइल ऐप्स और तकनीक

  • CCE-Agri ऐप – कटाई के प्रयोग (CCE) का डेटा सीधे भेजना

  • YES-TECH – सैटेलाइट से उपज का अनुमान

    • 2023 से धान और गेहूं

    • 2024 से सोयाबीन भी शामिल


☁️ 3. बेहतर मौसम डेटा

  • WINDS नेटवर्क – गांवों में वर्षा और मौसम सेंसर

  • बारिश, सूखा आदि का सटीक डेटा मिलता है।


🏦 4. नई प्रीमियम नियम (2025–26 से)

  • राज्य को पहले से एस्क्रो अकाउंट में प्रीमियम जमा करना होगा।


🧾 5. Proportional Claim Disbursal

  • अगर राज्य सरकार अपनी हिस्सेदारी नहीं देती –
    तब भी किसान को केंद्र सरकार का हिस्सा मिलेगा।


🧠 निष्कर्ष – क्यों PMFBY जरूरी है?

✅ यह भारत की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है।
✅ किसानों को नुकसान और कर्ज से बचाती है।
तकनीक और नए नियमों के साथ यह योजना बेहतर हो रही है।
✅ लेकिन राज्य सरकारों की ज़िम्मेदारी सबसे ज़रूरी है।


📌 PMFBY पर FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

❓1. PMFBY क्या है?
उत्तर: यह 2016 में शुरू की गई फसल बीमा योजना है। इसमें किसानों को सूखा, बाढ़, कीट आदि से फसल नुकसान होने पर मुआवजा मिलता है।

❓2. कौन किसान योजना का लाभ ले सकता है?
उत्तर: सभी किसान – चाहे ज़मीन के मालिक हों या किरायेदार – योजना में शामिल हो सकते हैं। यह अब स्वैच्छिक (Voluntary) है।

❓3. किसान को कितना प्रीमियम देना होता है?
उत्तर:

  • खरीफ फसल – 2%

  • रबी फसल – 1.5%

  • वाणिज्यिक/बागवानी – 5%
    (बाकी केंद्र + राज्य सरकार देती हैं)

❓4. कौन-कौन से नुकसान योजना में शामिल हैं?
उत्तर:

  • प्राकृतिक आपदाएं (सूखा, बाढ़)

  • कीट, बीमारियां

  • कटाई के बाद बारिश

  • ओलावृष्टि जैसे स्थानीय घटनाएं

❓5. फसल नुकसान की जांच कैसे होती है?
उत्तर:

  • सैटेलाइट, ड्रोन, मोबाइल ऐप से

  • सरकारी अधिकारी कटाई परीक्षण (CCE) करते हैं

🇮🇳 राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) 

Source: HT
Tag: GS Paper 2 | आपदा प्रबंधन | शासन

🔥 खबर में क्यों?

2025 में आपदा प्रबंधन अधिनियम (Disaster Management Act) में बदलाव करके भारत सरकार ने NCMC को कानूनी दर्जा दे दिया है।

➡️ अब NCMC देश में किसी भी बड़ी आपदा के समय मुख्य निर्णय लेने वाली संस्था बन गई है।


🏛️ NCMC क्या है?

पहले NCMC केवल एक प्रशासनिक समिति थी, लेकिन अब धारा 8A(2) के तहत इसे कानून में दर्ज किया गया है।

➡️ यह समिति गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) द्वारा बनाई गई थी।


👥 इस समिति में कौन-कौन होते हैं?

पदव्यक्ति
अध्यक्षकैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary)
सदस्यगृह सचिव (Home Secretary)
रक्षा सचिव (Defence Secretary)
समन्वय सचिव (Secretary – Coordination)
NDMA का एक वरिष्ठ सदस्य

🔸 जरूरत पड़ने पर, राज्य या केंद्र सरकार के विशेषज्ञों को भी बुलाया जा सकता है।

🧭 NCMC क्या करती है?

  1. देखती है कि देश आपदा से निपटने के लिए तैयार है या नहीं

  2. सभी एजेंसियों (राज्य + केंद्र + NDMA) को एकसाथ और समन्वित रूप से काम करने का निर्देश देती है।

  3. बाढ़, भूकंप, महामारी जैसे संकट में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करती है।

  4. अस्पष्टता या देरी को रोकती है।


📜 2025 का नया आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम क्या कहता है?

  1. अब NCMC और High-Level Committee को कानूनी मान्यता मिल गई है।

  2. NDMA और राज्य की SDMA अब स्वतंत्र रूप से योजना बना सकती हैं, NEC या SEC की जरूरत नहीं।

  3. बड़े शहरों में अब Urban Disaster Management Authorities (UDMAs) बनाना जरूरी है।

  4. राज्य अपनी SDRF (State Disaster Response Force) बना सकते हैं – शहरी बाढ़, आग जैसी आपदाओं से निपटने के लिए।


🧠 छोटा उदाहरण:

अगर मुंबई में बड़ी बाढ़ आ जाए, तो पहले कई विभागों में भ्रम रहता था कि कौन क्या करेगा।
अब NCMC के पास स्पष्ट अधिकार हैं – इसलिए तेज़, संगठित और प्रभावी मदद मिलती है।


🪖 एक्सरसाइज बोल्ड कुरुक्षेत्र 2025 – भारत और सिंगापुर की सैन्य अभ्यास

Source: PIB
Tag: GS Paper 2 & 3 | अंतर्राष्ट्रीय संबंध | सुरक्षा

📰 समाचार में क्यों?

28 जुलाई 2025 से भारत और सिंगापुर की सेनाओं के बीच 14वां संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू हुआ – इसका नाम है:

🔰 Exercise Bold Kurukshetra
📍 स्थान – जोधपुर, राजस्थान


🎯 इस अभ्यास का उद्देश्य क्या है?

  • संयुक्त कार्य संचालन सीखना (Joint Operations)

  • संयुक्त राष्ट्र (UN) के शांति मिशनों के लिए प्रशिक्षण

  • दोनों सेनाओं के बीच सहयोग, अनुभव और दोस्ती बढ़ाना


👥 कौन-कौन हिस्सा ले रहे हैं?

देश
रेजिमेंट
🇮🇳 भारत
मेकनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट
🇸🇬 सिंगापुर
42nd Armoured Regiment (4 Singapore Armoured Brigade)

👉 दोनों टीमें टैंक, वाहन, आधुनिक हथियार के साथ युद्ध जैसे हालात का अभ्यास करेंगी।

📘 UN Chapter VII क्या है?

संयुक्त राष्ट्र का Chapter VII वह अध्याय है, जो यह बताता है कि अगर कोई देश विश्व शांति को खतरा देता है, तो UN:

  • सैन्य कार्रवाई कर सकता है

  • आर्थिक प्रतिबंध, नौसैनिक घेराबंदी जैसी गैर-सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है

  • शांति सैनिक (Peacekeeping Forces) भेज सकता है

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