भारतीय संविधान के अनुच्छेद 5 से 11 तक की नागरिकता | UPSC के लिए आसान हिंदी में व्याख्या
🇮🇳 नागरिकता (अनुच्छेद 5 से 11) –
👤 नागरिकता क्या होती है?
नागरिकता का मतलब है – किसी देश की कानूनी सदस्यता।
जिसके पास नागरिकता होती है, उसे वोट डालने, सरकारी पद पर काम करने और क़ानूनी सुरक्षा पाने का पूरा हक़ होता है।
भारतीय संविधान के भाग II में, अनुच्छेद 5 से 11 तक नागरिकता की बात की गई है।
📜 अनुच्छेद 5 – संविधान लागू होने के समय नागरिकता (26 जनवरी 1950)
निम्न व्यक्ति भारत का नागरिक माना जाएगा यदि:
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वह भारत में पैदा हुआ हो, या
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उसके माता-पिता भारत में पैदा हुए हों, या
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वह 5 साल या उससे ज्यादा समय से भारत में रह रहा हो (26 जनवरी 1950 से पहले)
🧠 मतलब जो लोग पहले से भारत में थे, उन्हें सीधे नागरिकता दे दी गई।
🚶♂️ अनुच्छेद 6 – पाकिस्तान से आने वाले लोगों की नागरिकता
भारत-पाक बँटवारे के बाद जो लोग पाकिस्तान से भारत आए:
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अगर वो 19 जुलाई 1948 से पहले भारत आ गए और रह रहे थे – उन्हें नागरिकता मिल गई।
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अगर वो 19 जुलाई 1948 के बाद आए – उन्हें भारत सरकार में रजिस्टर कराना पड़ा।
🧠 यानी पाकिस्तान से आए लोगों को कुछ शर्तों पर नागरिकता मिली।
🛫 अनुच्छेद 7 – पाकिस्तान जाने वाले लोगों की नागरिकता
ये अनुच्छेद अनुच्छेद 6 के उलट है।
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जो लोग 1 मार्च 1947 के बाद पाकिस्तान चले गए, उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली।
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लेकिन जो भारत वापस आ गए और पुनर्वास के परमिट से लौटे, वो नागरिक बन सकते थे।
🧠 यानी फर्क इस बात से पड़ा कि कोई हमेशा के लिए गया था या वापसी की नीयत थी।
🧾 अनुच्छेद 8 – विदेश में रह रहे भारतीयों की नागरिकता
जो भारतीय मूल के लोग विदेश में रहते हैं (जैसे UK, South Africa आदि), वे भारतीय नागरिक बन सकते हैं अगर:
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उनके माता-पिता या दादा-दादी भारत में पैदा हुए हों
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और वे भारतीय दूतावास में खुद को रजिस्टर कराएं
🧠 ये Non-Resident Indians (NRIs) के लिए था।
📋 अनुच्छेद 9 – दोहरी नागरिकता नहीं
अगर कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता खत्म हो जाती है।
🧠 भारत दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) की अनुमति नहीं देता।
⚖️ अनुच्छेद 10 – अधिकारों की निरंतरता
अगर कोई व्यक्ति इन अनुच्छेदों के तहत भारतीय नागरिक है, तो जब तक संसद कोई नया कानून न बनाए, उसकी नागरिकता बनी रहेगी।
🧠 मतलब, अधिकार सुरक्षित रहते हैं जब तक नया कानून न बने।
🏛️ अनुच्छेद 11 – संसद की शक्ति
संसद को पूरा अधिकार है कि वो नागरिकता पर कानून बनाए:
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कौन नागरिक बन सकता है
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कैसे नागरिकता मिलेगी
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कब नागरिकता छीनी जा सकती है
🧠 इसी के तहत 1955 का नागरिकता कानून बनाया गया।
📚 महत्वपूर्ण कानून – नागरिकता अधिनियम, 1955
अनुच्छेद 11 के तहत संसद ने यह कानून बनाया। इसके अनुसार, 5 तरीके से नागरिकता मिल सकती है:
1️⃣ जन्म से नागरिकता (By Birth)
अगर कोई भारत में पैदा हुआ है तो वह नागरिक बन सकता है, लेकिन कुछ नियम हैं:
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26 Jan 1950 - 1 July 1987: जन्म लेते ही नागरिकता
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1 July 1987 - 2 Dec 2004: एक माता-पिता भारतीय होना ज़रूरी
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3 Dec 2004 के बाद: एक माता-पिता भारतीय हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो
🧠 अब सिर्फ भारत में जन्म काफी नहीं है, माता-पिता की नागरिकता भी देखी जाती है।
2️⃣ वंश से नागरिकता (By Descent)
अगर कोई बच्चा भारत के बाहर पैदा हुआ है, तब भी वह नागरिक बन सकता है अगर उसके माता-पिता भारतीय हों।
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1950 - 1992: पिता भारतीय होना चाहिए
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1992 - 2004: माता या पिता, कोई भी भारतीय हो
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2004 के बाद: बच्चे का जन्म भारतीय दूतावास में 1 साल के अंदर रजिस्टर कराना होगा
🧠 विदेश में पैदा हुए भारतीय बच्चों के लिए यह नियम है।
3️⃣ पंजीकरण से नागरिकता (By Registration)
जो भारत में जन्मे नहीं हैं लेकिन भारतीय मूल के हैं, वे आवेदन करके नागरिक बन सकते हैं:
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भारतीय मूल के व्यक्ति जो 7 साल भारत में रह चुके हों
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भारतीय नागरिक से शादी की हो और 7 साल से भारत में रह रहे हों
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नाबालिग बच्चे जिनके माता-पिता भारतीय हैं
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भारत में रहने वाले OCI (Overseas Citizens of India)
🧠 सरकारी मंजूरी और डॉक्युमेंट्स ज़रूरी होते हैं।
4️⃣ स्वाभाविक रूप से नागरिकता (By Naturalization)
विदेशी नागरिक (जो भारतीय मूल के नहीं हैं) नागरिक बन सकते हैं अगर:
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वे 12 साल से भारत में रह रहे हों (14 में से 12 साल, और आवेदन से पहले 1 साल लगातार)
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भारतीय भाषा जानते हों, अच्छे चरित्र के हों, कानून मानते हों
🧠 यह तरीका सबसे कठिन होता है। बहुत कम लोगों को यह मिलता है।
5️⃣ क्षेत्र शामिल होने से नागरिकता (By Incorporation of Territory)
अगर कोई नया क्षेत्र भारत का हिस्सा बनता है, तो वहाँ के लोग अपने आप भारतीय नागरिक बन जाते हैं।
उदाहरण:
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गोवा (1961)
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सिक्किम (1975)
🧠 ये तरीका बहुत दुर्लभ है, लेकिन जब कोई इलाका भारत में शामिल हो, तब लागू होता है।
✅ नागरिकता के प्रकार – सारणी
तरीका | कैसे मिलती है | मुख्य शर्तें |
|---|---|---|
जन्म से | भारत में जन्म | माता-पिता की नागरिकता देखी जाती है |
वंश से | विदेश में जन्म | माता-पिता भारतीय हों और रजिस्ट्रेशन |
पंजीकरण से | आवेदन द्वारा | भारतीय मूल या भारतीय से शादी |
स्वाभाविक रूप से | विदेशी व्यक्ति का आवेदन | 12 साल की स्थायी भारत में रहना |
क्षेत्र शामिल होने से | भारत में नया क्षेत्र जुड़ना | अपने आप नागरिकता मिल जाती है |
❌ भारतीय नागरिकता छिनने के 3 तरीके
1️⃣ स्वेच्छा से त्याग (Renunciation)
अगर कोई खुद अपनी नागरिकता छोड़ना चाहे:
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उसे भारत सरकार को आवेदन देना होगा
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ज़्यादातर लोग ऐसा तब करते हैं जब वे किसी और देश की नागरिकता लेते हैं
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अगर उसका बच्चा नाबालिग है, तो वह भी नागरिकता खो सकता है (18 की उम्र पर चुनाव कर सकता है)
🧠 यह व्यक्ति की इच्छा पर होता है।
2️⃣ स्वतः समाप्ति (Termination)
जब कोई व्यक्ति:
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स्वेच्छा से किसी और देश की नागरिकता ले लेता है, तो भारतीय नागरिकता अपने आप खत्म हो जाती है
🧠 यह कानून से अपने आप होता है, आवेदन की ज़रूरत नहीं।
💡 युद्धकाल में अगर कोई विदेशी नागरिकता ले, तो सरकार तुरंत नागरिकता खत्म नहीं करती – सुरक्षा कारणों से।
3️⃣ वंचन द्वारा (Deprivation)
सरकार जबरदस्ती आपकी नागरिकता छीन सकती है, अगर:
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आपने नागरिकता झूठ बोलकर या धोखा देकर पाई
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आपने संविधान के प्रति निष्ठा नहीं दिखाई
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युद्ध में दुश्मन देश की मदद की
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नागरिक बनने के 5 साल में ही 2 साल से ज्यादा जेल हो गई
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आप लगातार 7 साल तक विदेश में रहे बिना दूतावास को जानकारी दिए
🧠 यह सज़ा की तरह है – सरकार खुद नागरिकता खत्म करती है।
📌 नागरिकता समाप्ति – सारणी
तरीका | क्या होता है | कौन करता है |
|---|---|---|
त्याग | व्यक्ति खुद छोड़ता है | नागरिक खुद |
समाप्ति | स्वतः खत्म होती है | कानून से |
वंचन | सरकार जबरदस्ती रद्द करती है | सरकार |
🇮🇳 नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019 – सरल हिंदी में UPSC के लिए
📜 CAA 2019 क्या है?
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यह "नागरिकता अधिनियम, 1955" में एक संशोधन (Amendment) है।
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संसद ने दिसंबर 2019 में इसे पास किया।
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यह कानून तीन देशों से आए कुछ धार्मिक अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता देता है।
🌏 किन्हें CAA के तहत नागरिकता मिलेगी?
यह कानून नागरिकता देता है इन 6 धर्मों के लोगों को:
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🕉️ हिंदू
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✝️ ईसाई
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🛕 सिख
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🕎 पारसी
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🛐 बौद्ध
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🛑 जैन
और ये लोग आए हों इन 3 देशों से:
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🇧🇩 बांग्लादेश
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🇵🇰 पाकिस्तान
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🇦🇫 अफगानिस्तान
✅ 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत में प्रवेश किया हो
🧠 ध्यान दें: मुसलमानों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
🕒 CAA क्यों लाया गया था?
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ये तीनों देश मुस्लिम बहुल देश हैं।
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वहां के धार्मिक अल्पसंख्यक अक्सर धार्मिक उत्पीड़न का शिकार हुए।
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उन्होंने भारत में शरण ली ताकि धर्म की स्वतंत्रता से जी सकें।
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CAA उन्हें क़ानूनी सुरक्षा और नागरिकता देता है।
🧾 CAA की प्रमुख विशेषताएँ
1️⃣ इन 6 धर्मों के लोग अवैध प्रवासी नहीं माने जाएंगे।
2️⃣ अब वे 5 साल भारत में रहने के बाद नागरिकता ले सकते हैं (पहले 11 साल लगते थे)।
3️⃣ यह कानून 31 दिसंबर 2014 से पहले आए लोगों पर ही लागू होगा।
4️⃣ मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है।
5️⃣ भारतीय मुसलमानों पर कोई असर नहीं होगा।
🧨 CAA पर विवाद क्यों हुआ?
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आलोचक कहते हैं कि ये धर्म के आधार पर भेदभाव करता है।
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इसे धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ बताया गया।
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लोगों को डर था कि CAA के साथ NRC लागू हुआ तो गरीब मुसलमान बाहर हो सकते हैं।
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असम, बंगाल, दिल्ली, केरल में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए।
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पूर्वोत्तर भारत में लोग अपनी संस्कृति और नौकरियों के नुकसान से डर गए।
🛑 क्या CAA भारतीय मुसलमानों को प्रभावित करता है?
बिलकुल नहीं।
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CAA सिर्फ बाहरी शरणार्थियों के लिए है।
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भारतीय मुसलमानों की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ता।
🧠 UPSC के लिए महत्वपूर्ण बिंदु – CAA
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कानून | नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन |
| उद्देश्य | अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश से आए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता देना |
| धर्म | हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई |
| समय सीमा | 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में आना |
| अवधि | अब सिर्फ 5 साल रुकने के बाद नागरिकता मिलेगी |
| लागू नहीं होता | 6वीं अनुसूची (Northeast), ILP क्षेत्रों में |
📜 CAA से जुड़े अन्य मुद्दे
📋 NRC – राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर
1️⃣ NRC क्या है?
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Indian नागरिकों की लिस्ट बनाना इसका उद्देश्य है।
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यह पता करता है कि कौन अवैध प्रवासी है और कौन भारतीय नागरिक है।
2️⃣ कहां लागू हुआ है?
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NRC केवल असम में हुआ है।
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2013 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू हुआ था।
3️⃣ दस्तावेज क्या चाहिए?
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साबित करना होगा कि आप या आपके पूर्वज 24 मार्च 1971 से पहले भारत में थे।
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जैसे:
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जन्म प्रमाण पत्र
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वोटर ID
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स्कूल सर्टिफिकेट
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ज़मीन के कागज़
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4️⃣ क्या हुआ असम में?
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3.3 करोड़ लोगों ने आवेदन किया
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करीब 19 लाख लोग लिस्ट से बाहर रह गए
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उन्हें विदेशी ट्राइब्यूनल में अपील का मौका मिला
5️⃣ विवाद क्यों?
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डर है कि NRC पूरे देश में लागू हुआ तो गरीब, मुसलमान, महिलाएं बिना दस्तावेज के बाहर हो सकते हैं
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NRC + CAA से डर और बढ़ गया
6️⃣ क्या पूरे भारत में NRC लागू हुआ है?
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अभी नहीं।
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सरकार ने कहा है, पर कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है।
7️⃣ कानूनी आधार
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नागरिकता अधिनियम 1955 और नागरिकता नियम 2003
8️⃣ कौन इसे संचालित करता है?
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Registrar General of India (RGI)
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गृह मंत्रालय के अधीन
🧾 NPR – राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर
1️⃣ NPR क्या है?
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NPR = भारत में रह रहे सभी निवासियों की लिस्ट (नागरिक + गैर नागरिक)
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मकसद: सरकारी योजनाओं की योजना बनाना
2️⃣ कौन शामिल होता है?
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जो व्यक्ति भारत में 6 महीने से रह रहा है या 6 महीने और रहेगा
3️⃣ कानूनी आधार
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नागरिकता अधिनियम 1955
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नागरिकता नियम 2003
4️⃣ कौन सी जानकारी ली जाती है?
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नाम, माता-पिता का नाम
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जन्मतिथि
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पता
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वैवाहिक स्थिति
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धर्म, राष्ट्रीयता
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पेशा
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आधार नंबर (अगर हो)
🧠 NPR के लिए दस्तावेज़ दिखाने की ज़रूरत नहीं होती
5️⃣ NPR पहले कब हुआ?
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2010 – पहली बार जनगणना के साथ
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2015 – घर-घर जाकर अपडेट
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2020 – अपडेट की योजना थी, लेकिन कोविड और विरोध के कारण टल गया
6️⃣ विवाद क्यों हुआ?
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डर था कि NPR से NRC जोड़ा जाएगा
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इससे गरीब और बिना दस्तावेज़ वालों को दिक्कत हो सकती है
📋 NPR vs NRC – तुलना सारणी
| विशेषता | NPR | NRC |
|---|---|---|
| पूरा नाम | National Population Register | National Register of Citizens |
| शामिल कौन होता है? | सभी निवासी | केवल भारतीय नागरिक |
| दस्तावेज़ चाहिए? | नहीं | हां |
| उद्देश्य | सरकारी योजनाएं और आंकड़े | अवैध प्रवासियों की पहचान |
| कानूनी आधार | नागरिकता अधिनियम 1955, नियम 2003 | वही |
| स्थिति | 2010, 2015 में हुआ | सिर्फ असम में (2019) |
🧾 Census – जनगणना
1️⃣ जनगणना क्या है?
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यह एक आधिकारिक जनगणना है – देश में कितने लोग, कौन, कहां, किस हालत में रहते हैं – इसका डेटा एकत्र किया जाता है।
2️⃣ कौन करता है?
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Registrar General & Census Commissioner of India
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गृह मंत्रालय के अधीन
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Census Act, 1948 के तहत
3️⃣ कब होती है?
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हर 10 साल में
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पहली: 1872 (आंशिक), 1881 (पूर्ण)
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आखिरी: 2011
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अगली: 2021 में होनी थी – कोविड के कारण टली
4️⃣ कौन-सा डेटा लिया जाता है?
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👤 व्यक्ति: नाम, उम्र, लिंग, जाति, धर्म
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🏠 घर: पानी, बिजली, शौचालय
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📚 सामाजिक: पढ़ाई, रोजगार
5️⃣ जनगणना क्यों ज़रूरी?
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योजनाओं की योजना बनाना
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बजट वितरण तय करना
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चुनावी क्षेत्रों की सीमा तय करना
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शोधकर्ताओं के लिए डेटा
🔁 जनगणना vs NPR – तुलना सारणी
| विशेषता | जनगणना | NPR |
|---|---|---|
| उद्देश्य | जनसंख्या की गणना | निवासियों की सूची बनाना |
| शामिल कौन? | हर व्यक्ति | 6 महीने या अधिक रहने वाले |
| आवृत्ति | हर 10 साल | कोई निश्चित समय नहीं |
| कानून | जनगणना अधिनियम 1948 | नागरिकता नियम 2003 |
🇮🇳 FAQs – नागरिकता (अनुच्छेद 5 से 11) | भारतीय संविधान
🧾 सामान्य सवाल
❓प्र.1: संविधान के अनुच्छेद 5 से 11 किस बारे में हैं?
👉 ये अनुच्छेद बताते हैं कि 26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ, उस समय कौन-कौन भारतीय नागरिक था।
💡 अब नए नागरिकता मामलों के लिए इनका प्रयोग नहीं होता।
❓प्र.2: आजकल नागरिकता के नियम कहाँ बताए गए हैं?
👉 आज के समय में नागरिकता का नियम "नागरिकता अधिनियम, 1955 (Citizenship Act, 1955)" के अनुसार चलता है, न कि इन अनुच्छेदों से।
📘 अनुच्छेद-वार सवाल
❓प्र.3: अनुच्छेद 5 के अनुसार कौन नागरिक बना?
👉 वह व्यक्ति भारतीय नागरिक माना गया जो:
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भारत में पैदा हुआ हो, या
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जिसके माता-पिता भारत में पैदा हुए हों, या
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26 जनवरी 1950 से पहले कम से कम 5 साल भारत में रहा हो।
❓प्र.4: अनुच्छेद 6 क्या कहता है?
👉 यह अनुच्छेद पाकिस्तान से भारत आए लोगों को नागरिकता देता है (बँटवारे के समय), अगर उन्होंने 19 जुलाई 1948 से पहले या बाद में भारत में प्रवेश किया हो, और कुछ शर्तें पूरी की हों।
❓प्र.5: अनुच्छेद 6 और 7 में क्या फर्क है?
👉
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अनुच्छेद 6: पाकिस्तान से भारत आए लोगों के लिए।
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अनुच्छेद 7: जो लोग भारत से पाकिस्तान चले गए, लेकिन बाद में वापस लौटे — उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ा।
❓प्र.6: अनुच्छेद 8 क्या कहता है?
👉 यह उन भारतीय मूल के लोगों के लिए है जो विदेशों में (जैसे अफ्रीका, UK) रहते हैं। वे भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराकर नागरिक बन सकते हैं।
❓प्र.7: क्या भारत दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) देता है? (अनुच्छेद 9)
👉 ❌ नहीं। अगर कोई व्यक्ति अपनी मर्ज़ी से किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता खत्म हो जाती है।
❓प्र.8: अनुच्छेद 10 का मतलब क्या है?
👉 अगर आप पहले से नागरिक हैं (अनुच्छेद 5-8 के तहत), तो आपकी नागरिकता बनी रहती है जब तक संसद का कोई नया कानून उसे बदल न दे।
❓प्र.9: अनुच्छेद 11 का क्या उपयोग है?
👉 इसमें संसद को पूरी ताक़त दी गई है कि वह ये कानून बना सके:
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नागरिकता कैसे दी जाए
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नागरिकता कैसे छीनी जाए
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कौन पात्र है
💡 इसी अधिकार से "नागरिकता अधिनियम, 1955" बनाया गया।
🧠 कन्फ़्यूज़न क्लियर करने वाले सवाल
❓प्र.10: क्या अब इन अनुच्छेदों से नागरिकता दी जाती है?
👉 ❌ नहीं। ये अनुच्छेद सिर्फ स्वतंत्रता के समय के लिए थे।
अब सिर्फ अनुच्छेद 11 के तहत बनाए गए कानून लागू होते हैं।
❓प्र.11: क्या NRI (Non-Resident Indians) भारत के नागरिक होते हैं?
👉
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अगर वे भारत में पैदा हुए हैं या उनके माता-पिता भारतीय हैं और उन्होंने दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली, तो ✅ हाँ, वे भारतीय नागरिक हैं।
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अगर उन्होंने दूसरे देश की नागरिकता ले ली है, तो ❌ नहीं, वे अब भारतीय नागरिक नहीं माने जाएंगे।

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