🚀 ISRO PSLV-C61 मिशन फेल क्यों हुआ? EOS-09 सैटेलाइट लॉस की पूरी जानकारी 🛰️
🚀 ISRO का PSLV-C61 मिशन क्यों फेल हुआ?
18 मई 2025 को ISRO ने अपना एक बड़ा मिशन लॉन्च किया था, जिसका नाम था PSLV-C61, लेकिन अफ़सोस ये मिशन फेल हो गया। इसका मेन सैटेलाइट EOS-09 (जिसे RISAT-1B भी कहते हैं) सही ऑर्बिट (कक्षा) में नहीं पहुँच पाया।
🎯 मिशन का मकसद क्या था?
-
इस मिशन का मेन टारगेट था EOS-09 सैटेलाइट को स्पेस में सही जगह पर पहुँचाना।
-
EOS-09 एक Earth Observation Satellite है, मतलब ये धरती की तस्वीरे खींचने वाला सैटेलाइट है।
-
इसमें एक खास रडार लगा था – C-band Synthetic Aperture Radar (SAR) – जो दिन-रात, बारिश, धुंध में भी फोटो ले सकता है।
-
ये सैटेलाइट बहुत ज़रूरी काम में आता:
-
खेती की निगरानी
-
जंगलों की सुरक्षा
-
बाढ़ और तबाही में मदद
-
बॉर्डर की निगरानी
-
🛰️ किस ऑर्बिट में जाना था?
-
इस सैटेलाइट को Sun-Synchronous Orbit में भेजना था। इस ऑर्बिट से हमेशा एक जैसा रोशनी मिलती है धरती की फोटो लेने में।
-
कुछ जरूरी ऑर्बिट्स समझ लो:
-
Sun-Synchronous: 600–800 km ऊँचाई पर
-
Geostationary: 35,800 km (TV, Weather वाले सैटेलाइट्स)
-
Polar: 200–1,000 km (धरती के पोल्स को कवर करता है)
-
Low Earth Orbit: 160–1,000 km
-
Medium Orbit: 1,000 km के आसपास
-
🚀 PSLV-C61 – ISRO का भरोसेमंद रॉकेट
-
ये PSLV की 63वीं उड़ान थी।
-
इसमें PSLV-XL वर्जन यूज़ हुआ था – जो थोड़ा ज़्यादा ताकतवर होता है।
-
लॉन्चिंग हुई थी श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) से।
-
लॉन्च टाइम था – सुबह 5:59 बजे, 18 मई 2025
😞 क्या गड़बड़ हो गई लॉन्च के समय?
🧩 रॉकेट के 4 स्टेज होते हैं:
-
हर स्टेज की परफॉर्मेंस:
-
पहला स्टेज (Solid Booster) – ठीक से काम किया।
-
दूसरा स्टेज (Liquid Engine) – यह भी सफल रहा।
-
तीसरा स्टेज (Solid Motor) – यहीं पर गड़बड़ हुई।
-
चौथा स्टेज (Liquid) – चालू ही नहीं हुआ क्योंकि तीसरा स्टेज पहले ही फेल हो गया।
💥 असली प्रॉब्लम – तीसरे स्टेज में
-
तीसरे स्टेज में प्रेशर अचानक से गिर गया।
-
इससे रॉकेट को थ्रस्ट नहीं मिला, मतलब आगे बढ़ने की ताकत नहीं आई।
-
ISRO ने स्टेज-4 को चालू करने से रोक दिया ताकि कोई स्पेस में मलबा (space debris) ना बने।
-
EOS-09 ऑर्बिट तक नहीं पहुँच पाया और वापस धरती पर गिर गया।
🔍 क्या कारण हो सकता है फेल होने का?
-
ISRO ने एक Failure Analysis Committee बनाई है।
-
ये लोग देख रहे हैं:
-
फ्यूल सही से जला या नहीं
-
नोजल में कोई टूट-फूट तो नहीं
-
प्रेशर रोकने वाले पार्ट्स लीक तो नहीं हुए
-
रॉकेट बनाते समय कोई गड़बड़ तो नहीं हुई
🧠 सैटेलाइट इतना जरूरी क्यों था?
-
EOS-09 का यूज़ इन चीजों के लिए होता:
-
फसल की जानकारी
-
बाढ़, तूफान जैसे डिज़ास्टर की पहचान
-
बॉर्डर की निगरानी
-
नेवी, आर्मी को रियल-टाइम पिक्चर देना
😓 ISRO की छवि पर असर
-
PSLV अब तक बहुत भरोसेमंद रहा है – 50+ मिशन सक्सेसफुल थे।
-
पिछली बार 2017 में PSLV-C39 फेल हुआ था (हीट शील्ड नहीं खुली थी)
🛠️ आगे क्या होगा?
-
ISRO ने कहा है कि वो पूरा Root Cause Analysis (RCA) करेगा।
-
वो करेंगे:
-
जहां गलती हुई उसे सुधारना
-
लॉन्च से पहले और टेस्टिंग करना
-
शायद तीसरे स्टेज की डिज़ाइन को बदलना
-
नया सैटेलाइट जल्दी लाने की कोशिश होगी
Post a Comment